प्रदीप वर्मा जी एवं स्व.श्रीमती प्रेमलता वर्मा जी के किताब प्रेम दीप डाउनलोड कड़ी
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घाट घटवँधा, गली खोर परछी चौंरा, जउन लँग कोलबिल कइय्या गलबजार कस माते रथे तिहां जमों... -
मोला मइके देखे के साध लागय : रामरतन सारथी
मोला मइके देखे के साध लागय … लुगरा ले दे, धनी मोर बर लुगरा ले दे... -
नवगीत : गाँव हवे
तरिया-नरवा, घाट-घटौदा, सुग्घर बर के छाँव हवे हाँसत-कुलकत दिखथे मनखे अइसन सुग्घर गाँव हवे। खेत-खार हे...
